बलिया। जिले का एक ऐसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जो करीब 20 साल से संचालित हो रहा, लेकिन आज तक यहां पहुंचने वाले मरीजों को गंभीर स्थिति में भी पानी तक नहीं चढ़ाया जा सका है। 30 बेड वाले इस अस्पताल में पिछले एक साल में कोई चिकित्सक की तैनाती नहीं की गई है। सिर्फ वार्ड ब्वाय के सहारे यह संचालित हो रहा है। विभाग ने या जनप्रतिनिधियों ने इस सीएचसी पर पानी की व्यवस्था के लिए एक हैंडपंप भी लगाना उचित नहीं समझा।
सपा सरकार के कैबिनेट मंत्री रहे विक्रमादित्य पांडेय के पैतृक गांव बसुधरपाह में एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव व शिवपाल यादव पहुंचे थे, जहां गांव को आदर्श गांव घोषित किया। इसके तहत विभिन्न विकास की योजनाएं स्थापित की गई, जिसमें 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भी था। जिस समय स्वास्थ्य केंद्र बन रहा था, उसी दौरान 2005 में ही गांव में स्थित सामुदायिक भवन बसुधरपाह में चिकित्सकों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती कर दी गई थी। करीब 100 मीटर की दूरी पर 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 2008-09 बनकर तैयार हो गया, तो वहीं स्वास्थ्य कर्मी नये बिल्डिंग में शिफ्ट हो गए।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसुधरपाह के प्रांगण में पांच करोड़ की लागत से आपात कालीन इमरजेंसी सेवा (कोविड ) के लिए 50 बेड का अस्पताल भी जनवरी 2025 बनकर तैयार हो गया। बावजूद करीब 50 हजार आबादी वाले इस क्षेत्र में बने अस्पताल में कोई चिकित्सक नहीं है। केवल दो फार्मासिस्ट, छह वार्ड ब्वाय व एक स्वीपर की तैनाती की गई है। यही कारण है कि मरीजों को सोनवानी या जिला 16 से 20 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल जाना पड़ता है।
जिला अस्पताल से एक एक्स-रे मशीन आई जो पुरानी है, कभी संचालित भी नहीं होती है।चिकित्सक के न रहने से आवश्यक उपकरण भी नदारद है। अस्पताल परिसर में पांच दो तल्ला बिल्डिंग बनी है, अस्पताल में 40 कमरा मौजूद हैं। हालांकि दो वार्ड ब्वाय आवासीय परिसर में रहते हैं।
लगभग एक साल पहले की बात है, उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह यमुना ड्रेन के निरीक्षण करने के बीच किसी ने अस्पताल की दुर्दशा से अवगत कराया। तो मंत्री दयाशंकर सिंह ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसुधरपाह पहुंच कर स्थिति का विधिवत अवलोकन किया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने एक हैंडपंप की मांग की, जो एक साल बाद भी पूरा नहीं हो सका। जबकि यहां दो स्टाफ परिवार के साथ अस्पताल के आवासों में रहते हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनवानी के अधीक्षक डाक्टर मोहर्रम अहमद ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसुधरपाह में चिकित्सक की तैनाती के लिए कई बार मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलिया को पत्र लिखा गया है। लेकिन किसी कारणवश अभी तक वहां किसी की तैनाती नहीं हुई है।