प्रयागराजः शंकरगढ़ क्षेत्र में बढ़ रही हड्डियों के रोगों में बढ़ोतरी चिंता जनक-डॉ. विमल सिंह
June 22, 2025
प्रयागराज। शंकरगढ आज के समय में हड्डियों की बीमारियों में सबसे सामान्य लेकिन गंभीर बीमारी है ऑस्टियोपोरोसिस, जिसमें हड्डियाँ इतनी कमजोर हो जाती हैं कि मामूली गिरावट या झटका भी फैक्चर का कारण बन जाता है । इसके अलावा आर्थराइटिस (जोड़ों की सूजन) और हड्डी के संक्रमण जैसे रोग भी बढ़ते जा रहे हैं । कैल्शियम की कमी, खासकर महिलाओं में, इसका सबसे बड़ा कारण है । शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम और विटामिन डी न मिलने से हड्डियाँ धीरे - धीरे कमजोर होती जाती हैं । यदि इसकी अनदेखी की जाए तो आगे चलकर चलना - फिरना भी मुश्किल हो सकता है । उक्त बातें शंकरगढ़ के रानीगंज स्थित सीएलएस केयर हॉस्पिटल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ.विमल सिंह ने कही । उन्होंने कहा कि महिलाओं में हड्डियों की समस्याएं 40 वर्ष की उम्र के बाद अधिक दिखाई देती हैं, जबकि पुरुषों में यह समस्या आमतौर पर 55 वर्ष के बाद उभरती है । खासकर मीनोपॉज (रजोनिवृत्ति) के बाद महिलाओं में हार्मोनल बदलाव से हड्डियों में तेजी से कमजोरी आती है । डॉ. विमल सिंह ने कहा कि विकसित देशों में महिलाएं पहले से ही कैल्शियम और विटामिन ष्ठ का सेवन चिकित्सकीय सलाह के अनुसार शुरू कर देती हैं, जबकि भारत में अधिकांश लोग लक्षणों के गंभीर होने के बाद ही इलाज की ओर ध्यान देते हैं । डॉ. विमल सिंह ने कहा कि आज की दौड़भाग वाली जीवनशैली में लोग समय पर खाना नहीं खाते, धूप में नहीं निकलते और व्यायाम से दूर रहते हैं । ऐसे में शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिलते और हड्डियां धीरे - धीरे खोखली होती जाती हैं । उन्होंने यह भी बताया कि प्राकृतिक और पारंपरिक भोजन जैसे दूध, दही, छाछ, हरी पत्तेदार सब्जियाँ और सूरज की रोशनी से मिलने वाला विटामिन डी की जगह लोग बाजारू, रासायनिक उत्पादों और जंक फूड की ओर झुक गए हैं । यह आदतें हड्डियों की सेहत के लिए सबसे बड़ा खतरा साबित हो रहीं हैं । डॉ.विमल सिंह ने लोगो से आग्रह करते हुए कहा कि किसी भी हड्डी या जोड़ की तकलीफ को हल्के में न लें । यदि चलने - फिरने में दिक्कत, सूजन, दर्द या हड्डी में अकड़न महसूस हो रही हो, तो तुरंत विशेषज्ञ से संपर्क करें । उन्होंने कहा कि हड्डियों की देखभाल को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं जैसे रोजाना धूप में कुछ समय बिताना, कैल्शियम युक्त आहार लेना, नियमित व्यायाम करना और साल में एक बार हड्डी की जांच अवश्य कराना । यही वो आदतें हैं जो जीवन भर हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखती हैं ।
