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बलियाः विश्व के 30 देश में फैला विश्व हिंदू परिषद का कार्य-मिलिंद परांडे


बलिया। आज वर्ग के दूसरे दिन विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे का आगमन हुआ, बौद्धिक सत्र का शुभारंभ उन्होंने राम दरबार के चित्र पर पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलन कर किया। श्री नरहेजी स्नातकोत्तर महाविद्यालय नरही नगरा बलिया के संरक्षक डॉक्टर विजय नारायण सिंह गोपाल जी ने विश्व हिंदू परिषद के केंद्रीय महामंत्री संगठन मिलिंद परांडे पूज्य संत सुजीत दास विश्व हिंदू परिषद गोरक्ष प्रांत के प्रांत मंत्री कुंवर नागेंद्र प्रताप सिंह एवं बजरंग दल के प्रांत संयोजक दुर्गेश प्रताप राव का अंग वस्त्र से स्वागत किया।

बजरंग दल का वर्ग पूरे देश में प्रत्येक वर्ष एक सप्ताह के लिए युवाओं के अंदर शारीरिक मानसिक और बौद्धिक विकास का संचार हो इसलिए लगाया जाता है। अपने बौद्धिक सत्र के संबोधन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एवं विश्व हिन्दू परिषद का परिचय देते हुए इनकी स्थापना, तत्कालीन परिस्थितियां, स्थापक एवं लक्ष्यों को सभी के सम्मुख रखा। उन्होंने कहा कि 1947 में भारत प्रचंड प्रयासों के बाद अपनी बहुत बड़ी भूभाग हिंदू भाई बहनों के बलिदान के बाद स्वतंत्रता प्राप्त किया परंतु यह देश गुलाम कैसे बना जिस देश में देवी देवताओं को मानने वाले शास्त्रधारी देवताओं के आराध्य हो ऐसे हिंदू समाज को खंडित किया गया इस पर विचार करने का समय था। उसे समय डॉक्टर हेडगेवार अपने शिक्षक कल में इन विषयों पर घर चिंतन करने लगे और उन्हें लगा कि जब तक हमारी युवा पीढ़ी संगठित नहीं होगी उनके अंदर देश धर्म पूर्वजों के त्याग बलिदान और उनके शौर्य के पराक्रम का इतिहास नहीं पता चल पाएगा तब तक यह देश स्वतंत्र होने के बाद भी परतंत्रता की बेड़ियों में जकड़ा रहेगा। ऐसे विचारों से ओतृत होकर डॉक्टर हेडगेवार ने सन 1925 में विजयदशमी के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की। और संघ की शाखों से निकलने वाले कार्यकर्ता प्रचारक के रूप में पूरे देश में जन जागरण और युवाओं में देशभक्ति की भावनाओं का प्रचार करने लगे देखते-देखते पूरे देश में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 82000 से अधिक शाखाएं और 40 से अधिक अनुसांगिक संगठनों के माध्यम विश्व के 65 देशों में संगठन का स्वरूप खड़ा है। देश के बाहर रह रहे हिंदुओं के यहां हिंदू रीति रिवाज से पूजा पद्धति कैसे हो ऐसी एक विकट समस्या खड़ी होने पर तत्कालीन सरसंचालक पूज्य गुरु जी ने 29 अगस्त 1964 को जन्माष्टमी के दिन विश्व हिंदू परिषद की स्थापना की। पूज्य साधु संतों की उपस्थिति में इस संगठन ने पूरे देश में और देश के बाहर 30 देश में हिंदू रीति रिवाज पूजा पद्धति के लिए साधु संतों में प्रशिक्षण अभियान चलाया। डेढ़ लाख से अधिक हिंदू राजपूत को मुस्लिम से हिंदू बनाकर उनके घर वापसी कराई। अभी तत्काल में विश्व हिंदू परिषद में पीलीभीत में 500 से अधिक सिखों को जो ईसाई बन चुके थे उन्हें पुनः हिंदू बनाया तमिलनाडु में 20000 से अधिक पुजारी को प्रशिक्षण दिया अनेक जनजातियों में प्रशिक्षण का कार्य विहिप द्वारा चलाया जा रहा है ।विश्व हिंदू परिषद की युवा शाखा बजरंग दल प्रतिवर्ष 2 लाख से ज्यादा गोवंश बचाने का काम करती है।

बजरंग दल के द्वारा पूरे देश में सबसे अधिक रक्तदान शिविर लगाए जाते हैं। विहिप के पूरे भारत में 72 लाख हित चिंतक ,34 लाख युवक बजरंग दल में और 16 लाख दुर्गा वाहिनी व मातृशक्ति से जुड़कर विश्व के 30 देश में विश्व हिंदू परिषद आज काम कर रहा है। मंच पर विराजमान विश्व हिन्दू परिषद के प्रांत मंत्री नागेन्द्र प्रताप सिंह ने सभी को विश्व हिन्दू परिषद के विषय में बताते हुए हिन्दू युवाओं को धर्म एवं राष्ट्र के लिए संगठित होने को कहा एवं सभी को बजरंग दल शौर्य प्रशिक्षण वर्ग का महत्व भी बताया।

उक्त अवसर पर प्रांत सह संगठन मंत्री दीपेश जी, प्रांत सह मंत्री मंगलदेव चैबे, प्रांत संयोजक दुर्गेश प्रताप राव, प्रांत सह संयोजक श्रद्धेय पाल , जिलाध्यक्ष राजीव सिंह ष्चंदेलष्, अविनाश त्रिपाठी, सह व्यवस्था प्रमुख दीपक गुप्ता, संयोजक प्रतीक राय, अरुण सिंह, विपिन गुप्ता, रामविलास शर्मा आदि उपस्थित रहे।

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