प्रयागराज: मुख्य मंत्री जी यदि चाह लेंगे तो दशाश्वमेध घाट के दिन भी प्रयागराज घाट की तरह बहुरेंगे -दुकान जी
April 16, 2025
प्रयागराज । ब्रम्हा जी के द्वारा ही दारागज दशाश्वमेध घाट पर दस अश्वमेघ यग्य कर के तिर्थराज प्रयाग की एक अलग गरिमा प्रस्तुत की गई थी जिसमे कि आज भी शास्त्रों एवं पुराणो मे दशाश्वमेध मन्दिर का जिक्र उल्लेख है जहा सावन मे लाखो की संख्या मे कावरिया ईसी घाट के जल को लेकर भगवान शिव को चढाते है ऐसे प्राचीन तिर्थ स्थान को अब उ0 प्र0 के मुख्यमंत्री मा0 योगी आदित्यनाथ जी अगर अपनी दृष्टी ईस घाट को बनारस दशाश्वमेध घाट की तरह सुशोभित कर सकते है और फाफामऊ से चलकर आने वाली गंगा को मशिनी उपकरण जे सी बी के माध्यम से कुछ गहराई से बालू निकाल कर नागबाषुकी मन्दिर के तरफ मोड़कर रोड के किनारे किनारे दशाश्वमेध मन्दिर से होते हुए रेलवे बृज के निचे संकटमोचन मंदिर के बगल से सास्त्रीपुल के पहले से जहा से गंगा मुड़कर संगम मे मिलती है वहा तक बालू निकाल कर उस स्थान तक गंगा का पुजन कर राष्ट्रीय नदी मा गंगा को प्रशन्न कर आमंत्रित कर पुरे दारागंज मे किनारे किनारे अपने जल को निरंतर बहने दे जिससे जो देश विदेश से आने वाले भक्त पर्यटक जो बनारस,हरिद्वार,रिषिकेशखजुराहो,आगरा ताज महल तक हि सिमित रह जाते है अगर मुख्य मंत्री जी ने विश्व पटल पर 2025 के महाकुम्भ की एक अलग पहचान दिया उसी तरह दारागंज दशाश्वमेध घाट को भी सुसज्जित भब्य, दिब्य,ब्रम्हा जी के द्वारा प्रयागराज के दारागज दशाश्वमेध घाट पर ही दस अश्वमेघ यग्य कर के तिर्थराज प्रयाग की एक अलग गरिमा जहा पर पुराणो मे दशाश्वमेध मन्दिर का जिक्र उल्लेख है जहा सावन मे लाखो की संख्या मे कावरिया ईसी घाट के जल को लेकर भगवान शिव को चढाते है ऐसे प्राचीन तिर्थ स्थान को अब उ0 प्र0 के मुख्यमंत्री मा0 योगी आदित्यनाथ जी अगर अपनी दृष्टी ईस घाट को बनारस दशाश्वमेध घाट की तरह सुशोभित कर सकते है और फाफामऊ से चलकर आने वाली गंगा को मशिनी उपकरण जे सी बी के माध्यम से कुछ गहराई से बालू निकाल कर नागबाषुकी मन्दिर के तरफ मोड़कर रोड के किनारे किनारे दशाश्वमेध मन्दिर से होते हुए रेलवे बृज के निचे संकटमोचन मंदिर के बगल से सास्त्रीपुल के पहले से जहा से गंगा मुड़कर संगम मे मिलती है वहा तक बालू निकाल कर उस स्थान तक गंगा का पुजन कर राष्ट्रीय नदी मा गंगा को प्रशन्न कर आमंत्रित कर पुरे दारागंज मे किनारे किनारे अपने जल को निरंतर बहने दे जिससे जो देश विदेश से आने वाले भक्त पर्यटक जो बनारस,हरिद्वार,रिषिकेशखजुराहो,आगरा ताज महल तक हि सिमित रह जाते है अगर मुख्य मंत्री जी ने विश्व पटल पर 2025 के महाकुम्भ की एक अलग पहचान दिया उसी तरह दारागंज दशाश्वमेध घाट को भी सुसज्जित भब्य, दिब्य, सुन्दर बनाकर प्रयागराज की एक अलग गरिमा बनाकर पर्यटको को आने के लिये ईस तिर्थ पर्यटक स्थल पर मजबूर होना पडेगा जिसकी रख रखाव पुरा प्रयागराज मेला प्राधिकरण को बना दे ऐसे भी महाकुम्भ मे एक अलग जिला बना था उसी तरह 12 महिने तक यह नया जिला भक्तो, पर्यटको के लिए एक विश्व का अलग जिला हो बस मुख्य मंत्री जी से प्रयागराज के विश्व के एक मात्र अंन्तराष्ट्रिय मूछ नृत्य कलाकार गंगा सेवक सम्मान से सम्मानित समाज सेवी गिनीज बुक ऑफ वर्ड रिकॉर्ड, लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, ईडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मे नामित राजेंद्र कुमार तिवारी दुकानजी प्रयागराज की गरिमा बढा रहे उसी तरह मुख्य मंत्री जी द्वारा किये गये ईस कार्य की युगो युगो तक याद करेगे और मेला प्राधिकरण, नगर निगम के तहत सृष्टि बेस्ट मैनेजमेंट को पुरे घाट को साफ स्वच्छ बनाये रखने की जिम्मेदारी के साथ लोगो को पॉलिथिन मुक्त, और स्वच्छता के प्रति जागरूक करते रहने के लिये अपने अपने माध्यम से लोगो को जागरुक करते रहेगे।
