Type Here to Get Search Results !
BREAKING NEWS
ऑनलाइन भुगतान करें
Pay Now

कुलगाम में गोली मारने से पहले की गई पहचान


जम्मू कश्मीर के कुलगाम में हुए आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की बेरहमी से हत्या कर दी गई है. एक मजदूर के परिवार ने आरोप लगाया है कि हमलावरों ने गोली चलाने से पहले पीड़ितो से उनकी पहचान और धर्म पूछा था. इस घटना ने पहलगाम में अप्रैल 2025 में हुए आतंकी हमले की जख्म को ताजा कर दिया है.

इस हमले में छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के बुंदेली गांव के रहने वाले दीपक रात्रे नाम के एक मजदूर भी शामिल हैं. इनकी शुक्रवार रात को कुलगाम में ईंट के भट्टे पर हुए आतंकी हमले में मौत हो गई. दूसरे की पहचान सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 28 साल के भूपेंद्र भइना के तौर पर हुई है. न्यूज एजेंसी ANI की मानें तो दीपक के चाचा हलधर रात्रे ने दावा किया है कि हमलावरों ने पहचान पूछने के बाद मजदूरों को निशाना बनाया.

उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, हमने जो सुना, उसके मुताबिक आतंकवादियों ने उसकी जाति और समुदाय के बारे में पूछने के बाद गोली मारी. आतंकवादियों की इस हरकत को देखिए, उन्होंने जाति पूछने के बाद एक मजदूर पर गोली चलाई. हालांकि अधिकारियों ने इस तरह के किसी भी दावे की पुष्टी नहीं की है.

इधर, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार (1 अगस्त 2026) को जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की हत्या की निंदा की है. उन्होंने ने भी दावा किया, कि आतंकवादियों ने इन मजदूरों को निशाना बनाने से पहले उनकी पहचान की थी. खरगे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए यह बयान दिया है.

एक्स पर पोस्ट करते हुए खरगे ने इस हमले को बेहद निंदनीय बताया है. साथ ही कहा है कि हत्या से पहले मजदूरों की पहचान करना आतंकवाद की क्रूर मानसिकता को दिखाता है. खरगे ने पोस्ट में कहा, 'जम्मू कश्मीर के कुलगाम में हुआ कार्यरतापूर्ण आतंकवादी हमला बेहद निंदनीय है. मानवता के लिए शर्मनाक है. दो बेगुनाह मजदूरों की पहचान करके उनकी बेरहमी से हत्या करना आतंकवाद की क्रूर मानसिकता का घिनौना उदाहरण है. इसकी जितनी भी निंदा की जाए कम है.'

इसके अलावा खरगे ने कहा, 'मैं पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. दोषियों के खिलाफ तुरंत और बड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्हें कानून के तहत सबसे सख्त सजा मिलना चाहिए.'

मारे गए दोनों मजदूरों की पहचान शक्ति (24) दीपक रात्रे और सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भूपेंद्र भाइना (28) के तौर पर हुई है. दोनों काम की तलाश में कश्मीर गए थे. उसी ईंट भट्टे पर काम कर रहे थे. जहां यह हमला हुआ है.

दीपक अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था. अपनी पत्नी के साथ वह लगभग सात-आठ महीने पहले जम्मू कश्मीर गयाथा. उसके परिवार में उसकी बूढ़ी मां, शारीरिक रूप से अक्षम छोटा भाई, पत्नी और चार महीने का बेटा है. भूपेंद्र भी अपनी पत्नी के सात लगभग तीन महीने पहले कश्मीर आया था. उनका चार साल का बेटा छ्त्तीसगढ़ में रिश्तेदारों के साथ रह रहा था.

इधर, शक्ति के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट रूपेंद्र पटेल ने कहा है कि प्रशासन परिवार के लगातार संपर्क में है. जम्मू कश्मीर के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है. हर संभव मदद मिल सकते. दीपक के शव को उसके पैतृक गांव पहुंचाने की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके. जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने दोनों पीड़ित परिवारों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी इन हत्याओं की निंदा की. साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शवों को वापस लाने के लिए जम्मू कश्मीर प्रशासन के साथ समन्वय करें.

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Design by - Blogger Templates |