नेपाल के सुनसारी में भड़की सांप्रदायिक हिंसा, एक की मौत
July 27, 2026
भारत से सटे नेपाल के सुनसारी जिले में सांप्रदायिक झड़प का मामला सामने आ रहा है। जानकारी के मुताबिक यहां दो समुदायों के बीच अलग-अलग कार्यक्रम के दौरान एक ही जगह पर विवाद हो गया। दोनों पक्षों के बीच लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद ये विवाद हिंसा में तब्दील हो गया। सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों की टीम हालात पर काबू पाने की कोशिश कर रही है। वहीं इस मामले में अब तक एक युवक की मौत हुई है, जबकि कुछ अन्य लोग घायल भी बताए जा रहे हैं। हिंसा को देखते हुए इलाके में पाबंदियां लागू कर दी गई हैं।
दरअसल, सुनसारी जिले में हुए सांप्रदायिक झड़प में एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं इस झड़प में सुरक्षाकर्मियों समेत कई अन्य लोग घायल हो गए। वहीं इस झड़प को देखते हुए अधिकारियों ने सोमवार से इलाके के कुछ हिस्सों में अनिश्चितकालीन पाबंदियां लागू कर दी हैं। सुनसारी जिला प्रशासन कार्यालय के अनुसार, पाबंदियां सुबह 7 बजे से लागू हो गई हैं। इनमें कोशी प्रांत में स्थित जिले के पांच बाजार क्षेत्र शामिल हैं। ये पाबंदियां अगले आदेश तक लागू रहेंगी। पाबंदियों के तहत, प्रभावित इलाकों में चार से ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने, प्रदर्शन करने, सार्वजनिक बैठकें करने और धरने पर बैठने पर रोक लगा दी गई है।
पुलिस ने बताया कि हिंसा रविवार रात देवगंज ग्रामीण नगर पालिका के कप्तानगंज इलाके में भड़की। यहां दो धार्मिक समुदायों के लोग अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित कर रहे थे। इसी दौरान लाउडस्पीकर के इस्तेमाल और धार्मिक झंडे लगाने को लेकर आपस में भिड़ गए। उन्होंने बताया कि दोनों समूहों के बीच कहासुनी हिंसा में बदल गई, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों को दखल देना पड़ा। हालात को काबू में करने की कोशिश के दौरान सुरक्षा बलों ने गोली चलाई, जिसमें 24 वर्षीय ओम प्रकाश मेहता की मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि झड़पों में सुरक्षाकर्मियों समेत एक दर्जन से ज़्यादा लोग घायल हो गए। प्रशासन ने कहा कि पाबंदियों का उल्लंघन करने वालों पर 500 नेपाली रुपये का जुर्माना, एक महीने तक की जेल या दोनों हो सकते हैं। बता दें कि दक्षिण-पूर्वी नेपाल में स्थित सुनसारी की सीमा बिहार से लगती है और यह दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण ट्रांजिट और कमर्शियल कॉरिडोर है।
