नीट पेपर लीक से आहत आकांक्षा ने लगाई फांसी
June 04, 2026
NEET परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के काले साए ने देश के एक और होनहार भविष्य को हमसे छीन लिया है। नागपुर में नीट की तैयारी कर रही मध्य प्रदेश के मऊगंज की रहने वाली छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कांक्षा ने NEET परीक्षा में सफलता का भरोसा जताया था लेकिन पेपर लीक की खबर से इतना टूट गई कि उसने अपना जीवन समाप्त कर लिया।
आकांक्षा का कसूर सिर्फ इतना था कि वह एक गरीब किसान की बेटी थी, जिसके पिता नागपुर में कुक का काम करके उसे डॉक्टर बनाने का सपना देख रहे थे। पेपर अच्छा गया था, लेकिन जैसे ही पेपर लीक की खबर आई, सिस्टम की इस धांधली ने उस बच्ची को डिप्रेशन में धकेल दिया। उसने अपने सुसाइड नोट में जो लिखा है, वो इस देश के परीक्षा तंत्र के मुंह पर एक करारा तमाचा है।
नागपुर में रहकर 'फिजिक्स वाला' से नीट की तैयारी कर रही आकांक्षा चतुर्वेदी अब इस दुनिया में नहीं है। बीते 20 मई 2026 को आकांक्षा ने अपने ही कमरे में पंखे से फंदे पर लटककर अपनी जान दे दी। मूल रूप से मऊगंज जिले के मगनिया गांव का यह गरीब परिवार पिछले कुछ समय से नागपुर में रह रहा था। पिता कृष्ण कुमार चौबे पेशे से किसान हैं, लेकिन बच्चों के भविष्य के लिए नागपुर में खाना बनाने (कुक) का काम करते थे।
पेरेंट्स के मुताबिक, आकांक्षा ने जब नीट का पेपर दिया तो वह बेहद खुश थी। उसे भरोसा था कि इस बार उसका चयन हो जाएगा और वह डॉक्टर बन जाएगी। लेकिन जैसे ही नीट पेपर लीक की खबर देश के सामने आई, आकांक्षा गहरे सदमे और डिप्रेशन में चली गई। उसने खाना-पीना छोड़ दिया और आखिरकार मौत का रास्ता चुन लिया। आकांक्षा के पीछे छूटे सुसाइड नोट ने सिस्टम के भ्रष्टाचार को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है।
बेटी को पढ़ाने के लिए इस गरीब परिवार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) से 3 लाख रुपए का कर्ज लिया था, साथ ही रिश्तेदारों से भी उधारी ली थी। इस दर्दनाक घटना के बाद अब विपक्ष भी सरकार को घेरने में जुट गया है। बीते शाम युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार से फोन पर उनकी बात कराई।
इस दुखद घटना के बाद अब सियासत भी गरमा गई है। नीट छात्रा के इस सुसाइड को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक ट्ववीट के जरिए सरकार पर निशाना साधा है।
