मुजफ्फरपुर में ऑनर किलिंग, लव मैरिज से नाराज परिवार ने की बेटी की हत्या
June 20, 2026
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले से ऑनर किलिंग की एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है। यहां अंतरजातीय प्रेम विवाह से नाराज परिजनों ने अपनी ही 21 वर्षीय बेटी की गला दबाकर बेरहमी से हत्या कर दी। इतना ही नहीं, गुनाह पर पर्दा डालने के लिए आरोपियों ने आनन-फानन में युवती के शव को बूढ़ी गंडक नदी के किनारे ले जाकर जला दिया। यह खौफनाक मामला तब उजागर हुआ जब मृतका के पति ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर पुलिस से न्याय की गुहार लगाई और कार्रवाई न होने पर आत्महत्या की चेतावनी दी। वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के भाई को गिरफ्तार कर लिया है।
मृतका की पहचान 21 वर्षीय सुजाता कुमारी के रूप में हुई है। सुजाता सिवाईपट्टी थाना क्षेत्र के घोषौत निवासी गौरी शंकर कुमार से प्यार करती थी। दोनों के बीच पिछले 6 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। अलग-अलग जाति से होने के कारण लड़की के परिजन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। विरोध के बावजूद, बीते 18 जनवरी को दोनों ने समस्तीपुर में भागकर शादी कर ली और हरियाणा चले गए। इसके बाद सुजाता के परिजनों ने सिवाईपट्टी थाने में गौरी शंकर के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज करा दिया। अपहरण की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों को हरियाणा से बरामद किया था। कोर्ट में पेशी के दौरान सुजाता ने साहसिक कदम उठाते हुए मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया कि वह बालिग है और उसने अपनी मर्जी से गौरी शंकर से शादी की है, इसलिए वह अपने पति के साथ ही रहना चाहती है। हालांकि, इस कानूनी प्रक्रिया के दौरान गौरी शंकर को जेल जाना पड़ा, जिसके बाद सुजाता अपनी मौसी के घर रहने लगी थी।
पीड़ित पति गौरी शंकर का आरोप है कि होली के दौरान सुजाता की मां उसे समझा-बुझाकर अपने घर ले आई थी। जेल से छूटने के बाद गौरी शंकर की सुजाता से आखिरी बार 31 मार्च को बातचीत हुई थी, जिसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल रहा था। पत्नी के अचानक लापता होने पर गौरी शंकर को अनहोनी की आशंका हुई। उसने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो डालकर कर कहा, "मेरी पत्नी के हत्यारों को पकड़ो, नहीं तो मैं आत्महत्या कर लूंगा।" इसके बाद उसने व्हाट्सएप के जरिए पुलिस को लिखित आवेदन भी भेजा।
एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर ग्रामीण एसपी और एसडीपीओ पूर्वी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुजाता के भाई अभिषेक यादव को गिरफ्तार कर लिया और उसके भाई से पूछताछ शुरू की। पुलिस पूछताछ में अभिषेक ने स्वीकार किया कि सुजाता ने अपनी मर्जी से दूसरी जाति के गौरी शंकर से शादी की थी। परिवार को लगातार यह डर सता रहा था कि वह दोबारा अपने पति के पास चली जाएगी। इसी लोक-लाज और गुस्से में परिवार के लोगों ने मिलकर सुजाता की गला दबाकर हत्या कर दी और साक्ष्य मिटाने के लिए शव को बूढ़ी गंडक नदी के किनारे जला दिया। अभिषेक ने इस पूरी वारदात में परिवार और रिश्तेदारों समेत कुल 5 लोगों के शामिल होने की बात स्वीकार की है। वहीं मामले में नामजद कुल 8 आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
