मंगल और शनि दोष होगा दूर, जीवन के सभी संकटों से मिलेगी मुक्ति
April 01, 2026
हनुमान जन्मोत्सव का पावन पर्व 2 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए कुछ उपाय आपको अवश्य करने चाहिए। इन उपायों को करने से न केवल हनुमान जी प्रसन्न होते हैं बल्कि मंगल और शनि दोष से भी आपको मुक्ति मिलती है। जो लोग शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या के दौर से गुजर रहे हैं उनको भी इन उपायों से शुभ परिणाम मिल सकते हैं। हनुमान जी के ये उपाय आपके जीवन के संकटों को दूर करने वाले भी माने जाते हैं। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में।
हनुमान जन्मोत्सव के दिन आपको चमेली का तेल, सिंदूर और चोला बजरंगबली को अर्पित करना चाहिए। इस उपाय को करने से मंगल-शनि जैसे ग्रहों का बुरा प्रभाव दूर होता है और साथ ही शत्रुओं पर भी आप विजय प्राप्त करते हैं। संकटों से मुक्ति और सकारात्मक ऊर्जा आपको ये उपाय करने से मिलती है। सिंदूर, चोला और चमेली का तेल हनुमान जी को अर्पित करते समय नीचे दिए गए मंत्र का जप आपको करना चाहिए।
मंत्र- सिन्दूरं रक्तवर्णं च सिन्दूरतिलकप्रिये। भक्तयां दत्तं मया देव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम।
हनुमान जन्मोत्सव के पावन पर्व पर आपको 7 बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। किसी हनुमान मंदिर में जाकर या घर में किसी एकांत स्थान पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करने से शुभ फल आपको मिलते हैं। हनुमान चालीसा का पाठ करने से आपको बल, बुद्धि और विद्या की प्राप्ति होती है। आपके जीवन में आने वाले संकट भी दूर होते हैं, साथ ही कुंडली के क्रूर ग्रह भी शांत होने लगते हैं।
हनुमान जन्मोत्सव के दिन आपको पीपल के 11 पत्ते लेकर उनपर कुमकुम या सिंदूर से जय श्री राम लिखना चाहिए। अब इन पत्तों से एक माला आपको बनानी चाहिए और उसे हनुमान जी को अर्पित करना चाहिए। याद रखें कि इस माला को गलती से भी हनुमान जी के पैरों में न रखें। माला को आप हनुमान जी को पहना सकते हैं।
हनुमान जी राम जी के परम भक्त हैं ऐसे में हनुमान जयंती के दिन अगर आप राम नाम का जप करते हैं तो हनुमान जी की कृपा आप पर बरसती है। राम नाम का जप करने से आपको मानसिक शांति भी प्राप्त होती है और आपकी मनोकामनाओं को भी हनुमान जी पूरा करते हैं।
अगर आप वास्तु दोष को दूर करना चाहते हैं, मंगल-शनि के दुष्प्रभावों से बचना चाहते हैं तो हनुमान जन्मोत्सव पर हनुमान जी की पंचमुखी तस्वीर घर लाएं। इस तस्वीर को घर के मंदिर या फिर उत्तर पूर्व दिशा में स्थापित करें। ऐसा करने से बेहद सुखद परिणाम आपको जीवन में प्राप्त हो सकते हैं।
