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ट्रूडो के दावे हवा! रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस का खुलासा- निज्जर मामले में भारत के खिलाफ नहीं मिले पुख्ता सबूत


कनाडा की नई सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के भारत पर लगाए गए गंभीर आरोपों से अब दूरी बनानी शुरू कर दी है. लंबे समय से चले आ रहे विवाद के बीच कनाडा की शीर्ष जांच एजेंसी के ताज़ा बयान ने साफ संकेत दिया है कि भारत के खिलाफ पहले लगाए गए आरोप अब कमजोर पड़ते दिख रहे हैं.

रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के कमिश्नर माइक डूहमे ने कहा कि मौजूदा जांच और उपलब्ध जानकारी के आधार पर कनाडा में किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में भारत सरकार या उससे जुड़े किसी व्यक्ति की भूमिका नहीं पाई गई है. उन्होंने एक इंटरव्यू में साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय दमन या विदेशी हस्तक्षेप से जुड़ी मौजूदा फाइलों में किसी विदेशी सरकार की सीधी संलिप्तता सामने नहीं आई है.

डूहमे ने यह भी कहा कि कुछ मामलों में लोगों को डराने-धमकाने या परेशान करने की घटनाएं जरूर सामने आई हैं, लेकिन इनका सीधा संबंध किसी विदेशी सरकार या संस्था से जुड़ा हुआ नहीं दिखता. कमिश्नर ने माना कि 2024 में दिए गए उनके पुराने बयान उस समय की जांच पर आधारित थे, जिसमें कुछ मामलों में भारत से जुड़े एजेंट या प्रॉक्सी की बात कही गई थी. लेकिन उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में किसी विदेशी सरकार से सीधा लिंक साबित करना बेहद मुश्किल होता है.

साल 2023 में, तत्कालीन प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने कनाडा में सिख नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारत सरकार के शामिल होने का आरोप लगाया था. उन्होंने दावा किया था कि कनाडा के पास इसके “विश्वसनीय सबूत” हैं, हालांकि ये सबूत कभी सार्वजनिक नहीं किए गए. भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था.

इसके बाद 2024 में कनाडा पुलिस ने भी भारतीय राजनयिकों पर गंभीर आरोप लगाए थे. इस विवाद के चलते कनाडा ने 6 भारतीय राजनयिकों को निष्कासित किया, जिसके जवाब में भारत ने भी उतने ही कनाडाई राजनयिकों को देश से बाहर कर दिया.

अब कनाडा में प्रधानमंत्री मार्क कार्नी की सरकार है, जो भारत के साथ रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है. हालांकि इस रुख को लेकर उन्हें देश के भीतर कुछ समूहों की आलोचना भी झेलनी पड़ रही है.

हाल के महीनों में दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ा है. प्रधानमंत्री कार्नी और भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच पिछले साल जून के बाद से तीन बार मुलाकात हो चुकी है. साथ ही राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का कनाडा दौरा भी इसी दिशा में अहम माना जा रहा है.

RCMP के नए बयान को कनाडा के रुख में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है. इससे यह संकेत मिलता है कि ट्रूडो सरकार के समय शुरू हुआ विवाद अब धीरे-धीरे ठंडा पड़ सकता है और दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की गुंजाइश बढ़ रही है.

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