चौंकाने वाली खबर! पाकिस्तान सुपर लीग की नई टीमें बिकी कौड़ियों के भाव
January 09, 2026
पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है. साल 2026 से PSL और भी बड़ी होने जा रही है, क्योंकि लीग में दो नई टीमों की एंट्री हो गई है. अब PSL में कुल 8 टीमें खेलती नजर आएंगी. 8 जनवरी 2026 को हुई नीलामी में इन दोनों नई फ्रेंचाइजियों को जोड़ा गया, लेकिन उनकी कीमत ने क्रिकेट फैंस को हैरान कर दिया है
नीलामी में हैदराबाद की टीम को FKS ग्रुप ने खरीदा, जिसकी कीमत 1.75 अरब पाकिस्तानी रुपये रही. वहीं सियालकोट की टीम OZ ग्रुप के नाम गई, जिसने इसके लिए 1.85 अरब पाकिस्तानी रुपये खर्च किए. यानी दोनों टीमों को मिलाकर कुल कीमत करीब 3.6 अरब पाकिस्तानी रुपये रही. सुनने में यह रकम बड़ी लगती है, लेकिन जब इसकी तुलना IPL से होती है, तो तस्वीर बिल्कुल अलग नजर आती है.
दरअसल, पाकिस्तानी रुपये को भारतीय रुपये में बदला जाए तो इन दोनों PSL टीमों की कुल कीमत करीब 115 करोड़ रुपये बैठती है. यहीं से असली बहस शुरू होती है. IPL में कुछ स्टार खिलाड़ियों की एक सीजन की सैलरी इतनी ज्यादा है कि सिर्फ 5 खिलाड़ियों की कमाई ही इन दोनों नई PSL टीमों की कीमत के बराबर हो जाती है.
IPL में ऋषभ पंत को लखनऊ सुपर जायंट्स एक सीजन के लिए करीब 27 करोड़ रुपये देती है. श्रेयस अय्यर की सैलरी 26.75 करोड़ रुपये है. कैमरन ग्रीन को केकेआर ने 25.20 करोड़ रुपये में खरीदा है. विराट कोहली को एक सीजन के लिए 21 करोड़ रुपये मिलते हैं, जबकि रोहित शर्मा को मुंबई इंडियंस 16.30 करोड़ रुपये देती है. इन पांचों खिलाड़ियों की कुल सैलरी जोड़ दी जाए, तो यह रकम 116 करोड़ रुपये से भी ज्यादा हो जाती है, जो PSL की दोनों नई टीमों की कीमत से अधिक है.
इस तुलना से साफ हो जाता है कि IPL और PSL के बीच आर्थिक स्तर पर कितना बड़ा अंतर है. IPL में जहां एक खिलाड़ी पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, वहीं PSL में उतनी ही रकम में पूरी फ्रेंचाइजी खरीदी जा सकती है.
PSL में दो नई टीमों का जुड़ना पाकिस्तानी क्रिकेट के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है. इससे ज्यादा मैच होंगे, ज्यादा खिलाड़ी सामने आएंगे और नए शहरों को पहचान मिलेगी. हैदराबाद और सियालकोट जैसे शहरों को अपनी टीम मिलने से स्थानीय क्रिकेट को भी बढ़ावा मिलेगा. भले ही PSL आर्थिक तौर पर IPL से पीछे हो, लेकिन लीग का विस्तार उसके भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
