सुल्तानपुर। लम्भुआ अन्तर्गत चैकिया ग्रामसभा के नटौलिया निवासी सेवानिवृत्त हिंडाल्को कर्मचारी राजेन्द्र मिश्रा पुत्र स्वर्गीय गंगा प्रसाद मिश्रा ने सेवानिवृत्ति के बाद पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल शुरू की है। उन्होंने अपने घर के समीप विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर हरित वाटिका विकसित करने का बीड़ा उठाया है।
राजेन्द्र मिश्रा ने महोगनी, आम, यूकेलिप्टस, आंवला, अमरूद, इलाहाबादी बेर, सागौन सहित चार-ढाक जैसे पेड़ लगाए हैं। खास बात यह है कि चार-ढाक जैसी प्रजाति, जो धीरे-धीरे विलुप्त होने के कगार पर पहुंच रही है, उसके संरक्षण पर भी उन्होंने विशेष ध्यान दिया है।
पौधों को पशुओं से सुरक्षित रखने के लिए उन्होंने पहले बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया और लोहे का गेट लगवाया। इसके बाद पौधों के बेहतर विकास के लिए जैविक खाद का भी प्रयोग किया गया। राजेन्द्र मिश्रा का कहना है कि पेड़-पौधों का संरक्षण केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के लिए भी जरूरी है।
उनकी इस पहल की स्थानीय लोगों द्वारा सराहना की जा रही है। हालांकि राजेन्द्र मिश्रा के घर तक पहुंचने वाला सुगम रास्ता बाधित होने के कारण उन्हें आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पर्यावरण संरक्षण की इस पहल के बीच रास्ते की समस्या उनके लिए चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग व प्रशासन से रास्ते की समस्या का समाधान कराने की मांग की है, ताकि पर्यावरण संरक्षण की यह मुहिम और बेहतर तरीके से आगे बढ़ सके।
