अमेठी। विकासखंड अमेठी की ग्राम पंचायत दरखा में विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं की जांच एक बार फिर विवादों के घेरे में रही। 11 जून 2026 को शिकायतकर्ता अमित पाल की ओर से की गई शिकायत पर दूसरी बार जांच के लिए पहुंचे जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिन शिकायतों की जांच हो रही है, उनमें नामित ग्राम प्रधान पूनम यादव स्वयं मौके पर मौजूद नहीं थीं, जबकि उनके पति के माध्यम से जवाब देने का प्रयास किया गया। ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। जांच के दौरान बीएसए ने शिकायत पत्र के सभी बिंदुओं पर शिकायतकर्ता और ग्रामीणों से अलग-अलग जानकारी ली। पूर्व में की गई जांच से जुड़े तथ्यों का भी मिलान कराया गया, लेकिन कई मामलों में मौके पर स्पष्ट अभिलेख और संतोषजनक जवाब नहीं मिल सके। इससे ग्रामीणों का आक्रोश और बढ़ गया। शिकायत में करीब 18 लाख रुपये के विकास कार्यों में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। इसमें नाली निर्माण, स्ट्रीट लाइट, चैकी निर्माण, ह्यूम पाइप, पंचायत भवन परिसर में बने दिव्यांग शौचालय, फर्नीचर खरीद तथा अन्य विकास कार्यों की गुणवत्ता और भुगतान पर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं ने प्रधानमंत्री आवास योजना में मजदूरों की मजदूरी निकाले जाने तथा मनरेगा कार्यों में भी अनियमितता का आरोप लगाया। बीएसए ने पंचायत सचिव हेमंत से सभी कार्यों की फाइलें, पत्रावलियां, फोटोग्राफ और अन्य अभिलेख तलब किए। साथ ही शिकायतकर्ताओं और ग्रामीणों के बयान दर्ज कर जांच रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की।ग्रामीणों ने जांच पूरी कर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। जांच के दौरान सत्यदेव तिवारी, रमेश पाल, समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
11 जून की शिकायत के बिंदुओं पर हुआ दोबारा सत्यापन, 18 लाख के विकास कार्यों, आवास, स्ट्रीट लाइट और मजदूरी भुगतान को लेकर दर्ज हुए बयान
