शाहबाद। थाना शाहबाद क्षेत्र के मोहल्ला हकीमान में मकान खाली न कराए जाने और किराएदारों द्वारा मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के मामले में न्यायालय प्रथम अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रामपुर के आदेश पर थाना शाहबाद में मुकदमा दर्ज किया गया है।
मोहल्ला हकीमान, तहसील व थाना शाहबाद निवासी सलीम मियां पुत्र स्व. नन्हे शाह ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि वह अपने नाना स्व. नन्हे शाह की गोद ली गई संतान हैं और खसरा संख्या 1055 का मकान वसीयत के तहत उनके नाम दर्ज है, जिसके वे मालिक व काबिज हैं। प्रार्थी के अनुसार यह मकान उन्होंने परवेज, जावेद, जुनैद (पुत्रगण तुल्लन), फिरोज उर्फ गोला (पुत्र बन्ने), रुकसाना (पुत्री बन्ने), बब्बो (पत्नी परवेज) और बिलाल (पुत्र परवेज) को किराए पर दे रखा था, जो नियमित रूप से किराया अदा करते थे। आरोप है कि विगत एक वर्ष से इन लोगों ने न तो किराया दिया और न ही मकान खाली किया, बल्कि कूटरचना कर 11 जुलाई 1975 का एक अपंजीकृत हिबानामा तैयार कर लिया।
प्रार्थी ने न्यायालय को बताया कि यह हिबानामा कथित रूप से महताब शाह द्वारा कराया गया दर्शाया गया है, जबकि खसरा संख्या 1055 से महताब शाह का कोई सम्बन्ध नहीं है और उनकी मृत्यु 3 जून 1973 को ही हो चुकी थी, जिसका प्रमाण पत्र नगर पंचायत द्वारा जारी किया गया है। ऐसे में मृत्यु के करीब दो वर्ष बाद तिथि अंकित कर हिबानामा तैयार किए जाने को प्रार्थी ने फर्जीवाड़ा बताया है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार 3 जून 2026 को शाम करीब 6रू30 बजे प्रार्थी ने आरोपियों से मकान खाली करने को कहा तो वे मां-बहन की गंदी गालियां देते हुए मारपीट पर उतारू हो गए और दोबारा खाली कराने की बात कहने पर जान से मारने की धमकी दी। इसकी शिकायत थाना शाहबाद में की थी, लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई
आरोप है कि शिकायत से नाराज होकर 2 जून 2026 को शाम करीब 7 बजे अपने खेत पर राजकीय महाविद्यालय शाहबाद के पास जा रहा था, तभी परवेज, जावेद, फिरोज उर्फ गोला व बिलाल ने घेरकर मां-बहन की अश्लील गालियां देते हुए मारपीट शुरू कर दी और जान से मारने की धमकी दी। प्रार्थी के शोर मचाने पर राहगीर सुनील कुमार पुत्र भारत सिंह (निवासी ग्राम ठठिया जदीद, शाहबाद) और राजेन्द्र सिंह पुत्र स्वराज सिंह (निवासी लोधीपुर, शाहबाद) सहित अन्य लोगों के पहुंचने पर आरोपी धमकी देते हुए खेतों की ओर भाग गए।
प्रार्थी ने बताया कि इस सम्बन्ध में थाना शाहबाद और 6 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक रामपुर को भी प्रार्थना पत्र दिया गया, परन्तु कोई कार्यवाही न होने पर मजबूरन न्यायालय की शरण ली गई।
न्यायालय के आदेश पर 28 जुलाई 2026 को थाना शाहबाद में मु.अ.सं. 0204ध्2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 115(2), 352 व 351(3) में मामला दर्ज किया गया।
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