कुंडा/प्रतापगढ़। बाघराय पुलिस ने पशु चोरी करने वाले गिरोह पर शिकंजा कसते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार कर दो बड़ी घटनाओं का खुलासा करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गाभिन भैंस, पड़वा, अवैध तमंचा, कारतूस और वारदात में प्रयुक्त पिकअप वाहन बरामद किया है। पूछताछ में आरोपियों ने करीब डेढ़ माह पहले हुई एक अन्य पशु चोरी की घटना में भी अपना हाथ होना स्वीकार किया है।
एक जुलाई की रात कोडराजीत गांव से एक सात माह की गाभिन भैंस और दो वर्षीय पड़वा चोरी होने के बाद बाघराय पुलिस लगातार चोरों की तलाश में जुटी थी। इसी बीच मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी श्रवण कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने राम वन गमन मार्ग स्थित बिहार बाईपास पर घेराबंदी कर नागेंद्र सरोज, राहुल कुमार और गुलशन कुमार सरोज को गिरफ्तार कर लिया। तीनों आरोपी थाना बाघराय क्षेत्र के ही निवासी बताए गए हैं।
तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी गई गाभिन भैंस, पड़वा, एक 315 बोर का अवैध तमंचा, कारतूस तथा घटना में प्रयुक्त पिकअप वाहन बरामद किया। पुलिस ने पिकअप को सीज कर दिया।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी के बाद पशुओं को नागेंद्र के घर के पास झाड़ियों में छिपा दिया गया था। शुक्रवार को वे उन्हें बेचने के लिए प्रयागराज ले जा रहे थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस के हत्थे चढ़ गए। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि 9 मई की रात मलावा छजईपुर गांव से चोरी की गई भैंस और आठ माह की पाड़िया को कौशांबी ले जाकर रास्ते में 40 हजार रुपये में बेच दिया था और रकम आपस में बांट ली थी।
दोनों घटनाओं के खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 317(2) तथा 3ध्25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस अधीक्षक दीपक भूकर के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के दौरान मिली इस सफलता को बाघराय पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
