कुशीनगर में साल 2021 में हुए इस जघन्य अपराध को जिले को लेकर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) जीपी यादव और अपर जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने दिए गए इस निर्णय की जानकारी देते हुए बताया कि कसया के मठिया विशंभर माधोपुर के रामजीत कुशवाहा ने 26 अगस्त, 2021 को कसया थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में बताया गया था कि कुड़वा दिलीप नगर के गुरमिया गोपाल टोला के जितेंद्र कुशवाहा से रामजीत ने अपनी बेटी लीलावती की शादी की थी जिससे तीन बच्चे- आकाश (8), विकास (6) और रिंकू (4) थे। रामजीत ने आरोप लगाया कि जितेंद्र ने 26 अगस्त की दोपहर दो बजे धारदार हथियार से चारों की गला रेतकर हत्या कर दी। इसकी सूचना पर पहुंची कसया पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज करते हुए आला कत्ल सब्जी काटने वाला पहसुल को बरामद किया और पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
पत्नी और तीन बेटों की हत्या का दोषी करार दिए जाने के बाद जितेंद्र कुशवाहा को को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस मामले में अदालत ने साफ किया कि जितेंद्र कुशवाहा को फांसी के फंदे पर तब तक लटकाया जाए, जब तक उसकी मृत्यु न हो जाए। कसया थाने के विवेचक ने जांच पूरी कर आरोपित के खिलाफ हत्या की चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें अब 5 साल तक चली लंबी सुनवाई के बाद अब अदालत ने मामले में दोषी को फांसी की सजा सुनाई है।
