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पीलीभीतः एसपी सुकीर्ति माधव का बड़ा एक्शन! भ्रष्टाचार और गोपनीयता भंग पर गिरी गाज, छह पुलिसकर्मी निलंबित


पीलीभीत। जनपद में कानून-व्यवस्था को पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचारमुक्त बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने सोमवार को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए पुलिस विभाग में स्पष्ट संदेश दे दिया कि अनुशासनहीनता और भ्रष्ट आचरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग की साख को धूमिल करने, गोपनीय सूचनाओं के लीक होने, पद के दुरुपयोग तथा कदाचार के गंभीर आरोपों में छह पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक मुख्य आरक्षी को कर्तव्य में लापरवाही बरतने पर लाइन हाजिर किया गया है।

एसपी की इस कार्रवाई के बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। थानों और चैकियों में तैनात पुलिसकर्मियों के बीच दिनभर इसी कार्रवाई की चर्चा होती रही। माना जा रहा है कि यह कदम विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित करने और पुलिस की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।जानकारी के अनुसार निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में स्थानीय अभिसूचना इकाई (एलआईयू) की अनीता, मुख्य आरक्षी बिन्देश्वर मौर्य, सतीश कुमार, अजय कुमार, जितेंद्र कुमार तथा आरक्षी महेश कुमार शामिल हैं। इन सभी पर अपने पद का दुरुपयोग करने, अनुशासनहीनता बरतने तथा विभागीय नियमों की अनदेखी करने के आरोप हैं। प्राथमिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की।

इसके अतिरिक्त दियोरिया कलां चैकी पर तैनात मुख्य आरक्षी अजय कुमार को भी कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही जनता के विश्वास को कमजोर करती है, इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्दी जनता की सेवा और सुरक्षा का प्रतीक है, न कि व्यक्तिगत लाभ का माध्यम। यदि कोई कर्मचारी भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाता है, गोपनीय सूचनाओं को लीक करता है या जनता के साथ दुर्व्यवहार करता है, तो उसके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पुलिस की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के लिए विभाग में कोई स्थान नहीं है।

एसपी की इस सख्त कार्रवाई को पुलिसिंग में शुचिता और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में अन्य मामलों की भी समीक्षा की जा रही है और यदि कहीं भी अनियमितता या भ्रष्टाचार के तथ्य सामने आते हैं तो और भी कार्रवाई हो सकती है।

जनपद में लंबे समय बाद हुई इस बड़ी कार्रवाई ने यह संदेश दे दिया है कि अब जवाबदेही से बचना आसान नहीं होगा। पुलिस अधीक्षक की सख्त कार्यशैली से साफ संकेत मिल रहे हैं कि कानून का पालन कराने वाली पुलिस को भी कानून और विभागीय अनुशासन के दायरे में रहकर ही काम करना होगा।

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