- जातिगत अपमान पर पांच साल सजा का प्रावधान
लखनऊ/राष्ट्रीय डेस्क। आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। इसी क्रम में श्जन सेवा दलश् ने प्रदेश की सभी सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का एक बड़ा और महत्वपूर्ण ऐलान किया है। दल ने अपने सांगठनिक ढांचे को मजबूत करने और जनता के बीच अपनी पैठ बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर सदस्यता अभियान की शुरुआत कर दी है।
एक परिवार, एक रोजगार और सम्मान के मुद्दे पर प्रदेश की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा
श्एक परिवार, एक रोजगार का बड़ा वादा
जन सेवा दल ने अपने चुनावी घोषणापत्र और प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए युवाओं और परिवारों के लिए एक परिवार, एक रोजगार की नीति को अपनी मुख्य प्राथमिकता बताया है। दल के पदाधिकारियों का कहना है कि आज के दौर में आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यमवर्गीय परिवारों को संबल देने के लिए हर घर से कम से कम एक व्यक्ति को रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ना बेहद जरूरी है। दल इस कल्याणकारी योजना के जरिए जनता के बीच अपनी मजबूत पैठ बनाने की तैयारी में है।
जातिगत अपमान से मुक्ति और सामाजिक सम्मान पर जोर
दल ने समाज में समानता और बंधुत्व की भावना को बढ़ावा देने के लिए श्जातिगत अपमान से मुक्तिश् को अपना प्रमुख नारा बनाया है। जन सेवा दल का दावा है कि वह समाज के हर वर्ग को एक समान मंच और सम्मान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। चुनाव में उतरने का मुख्य उद्देश्य सत्ता के माध्यम से उन नीतियों को लागू करना है, जो समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी मुख्यधारा में लाकर सम्मानजनक जीवन दे सकें।
भेदभाव से ऊपर उठकर सभी को प्रत्येक क्षेत्र जन संख्या अनुपात की हिस्सेदारी
जन सेवा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनेश ठाकुर कर्पूरी ने बताया कि जन सेवा उत्तर प्रदेश के चुनाव में ही नहीं जहां जिस स्तर के चुनाव होंगे अपनी पार्टी से जन संख्यां अनुपात से टिकट बांटकर हिस्सेदारी देने का काम करेगा और महिलाओं को भी जन संख्या अनुपात की हिस्सेदारी में रखकर सुरक्षित सीटों के साथ साथ सौ सामान्य सीटों पर अनूसूचित जाति जनजाति के प्रत्याशियों को चुनाव मैदान उतारेगा तथा सभी प्रत्याशियों की जमानत राशि व चुनावी सामग्री मात्र अपील और झंडे पार्टी की ओर से दिए जाएंगे
प्रदेश की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी
गठबंधन की राजनीति से इतर जन सेवा दल ने प्रदेश की सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने का साहसिक फैसला लिया है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया है कि वे इस सदस्यता अभियान को जन-जन तक पहुंचाएं।
दल की ओर से जारी आधिकारिक संदेश में कहा गया है
ष्जन सेवा दल की सदस्यता लें, अपनी सरकार बनाएं और समाज में सम्मान पाएं। हमारा संकल्प प्रदेश के हर नागरिक को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक मजबूती और जातिगत भेदभाव से परे एक सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था देना है।
राजनीतिक विश्लेषकों की राय
जानकारों का मानना है कि एक परिवार, एक रोजगार जैसे लोक-कल्याणकारी वादे और सामाजिक सम्मान के मुद्दे जमीनी स्तर पर वोटर्स को आकर्षित कर सकते हैं। सभी सीटों पर चुनाव लड़ने के इस फैसले से प्रदेश का राजनीतिक मुकाबला और भी दिलचस्प होने की उम्मीद है। हालांकि आगे चलकर सत्ताईस का ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो समय ही बताएगा फिलहाल एक पत्रकार सम्पादक द्वारा गठित जन सेवा दल कई बड़े दलों के खेल में डंडा मारने की स्थिति में आ गया है।

