मलमास में जरूर करें 5 काम, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति और जीवन में आएगी सुख-समृद्धि
May 24, 2026
मलमास में भले ही शुभ-मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती हो लेकिन धार्मिक और आध्यात्मिक कार्य इस माह में करना बेहद शुभ होता है। इस माह में पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए और पितृ दोष से मुक्ति पाने के लिए भी आप कुछ उपाय कर सकते हैं। इन उपायों को करने से रूठे पितृ भी मान जाते हैं और आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है। आज हम आपको इन्हीं उपायों के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।
मलमास में आने वाली अमावस्या के दिन या फिर किसी भी शनिवार के दिन आपको पितरों के निमित्त तर्पण और पिंडदान करना चाहिए। इन दिनों पर आपको जल में काले तिल और कुशा मिलाकर तर्पण देना चाहिए। ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और आपके जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
ऐसा माना जाता है कि पीपले के पेड़ में हमारे पितरों का वास होता है। ऐसे में मलमास के दौरान अगर आप पीपल के पेड़ तले दीपक जलाते हैं और पितरों का स्मरण करते हैं तो पितृदोष से आपको मुक्ति मिलती है। साथ ही आपको करियर और कारोबार में यह उपाय करने के बाद सुखद परिणाम भी प्राप्त हो सकते हैं।
मलमास का एक नाम पुरुषोत्तम मास भी है जोकि स्वयं भगवान विष्णु ने दिया था। ऐसे में अगर आप मलमास के दौरान गीता का पाठ करते हैं या इसका श्रवण करते हैं तो आपके पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। इसके साथ ही गीता का पाठ करने से आपके जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।
मलमास के दौरान गर्मी उफान पर होती है ऐसे में इस दौरान आपको जरूरतमंद लोगों को सत्तू, जल, तांबे के बर्तन, पानी का घड़ा (कलश) और मौसमी फलों का दान करना चाहिए। माना जाता है कि अन्न का दान करने से पितरों की अतृप्त आत्मा तृप्त होती है और पितृ प्रसन्न होकर आपको सुख-समृद्धि का वरदान देते हैं।
मलमास के दौरान आपको गाय, कुत्ता और कौवे को अन्न अवश्य खिलाना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये पशु-पक्षी पितरों तक हमारा संदेश पहुंचाते हैं। इनको अन्न और जल खिलाने से आपके जीवन की सभी परेशानियों का अंत हो सकता है और पितरों के साथ ही देवी-देवताओं का आशीर्वाद भी आपको मिलता है।

