अमेठीः जनगणना 2027 का आगाज! घर-घर पहुंचकर शुरू हुई मकानों की गणना
May 22, 2026
अमेठी। भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत प्रथम चरण में शुक्रवार, 22 मई 2026 से जनपद अमेठी में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य विधिवत रूप से प्रारंभ कर दिया गया। इस महत्वपूर्ण अभियान के तहत नियुक्त प्रगणक (म्दनउमतंजवत) एवं सुपरवाइजर घर-घर जाकर मकानों का सर्वेक्षण करते हुए सूचीकरण और गणना का कार्य कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने इस कार्य को गंभीरता एवं शत-प्रतिशत सफलता के साथ संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि कोई भी मकान गणना से वंचित न रह जाए।जिला प्रशासन के अनुसार, जनगणना देश के विकास की आधारभूत प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से जनसंख्या, आवासीय स्थिति, संसाधनों और सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े संकलित किए जाते हैं। इन आंकड़ों का उपयोग भविष्य की योजनाओं, सरकारी नीतियों तथा जनहितकारी कार्यक्रमों के निर्माण में किया जाता है। ऐसे में मकान सूचीकरण एवं गणना कार्य की सटीकता अत्यंत महत्वपूर्ण है।जनपद में नियुक्त प्रगणक और सुपरवाइजरों ने आज से अपने-अपने निर्धारित क्षेत्रों में पहुंचकर मकानों का सत्यापन, सूचीकरण एवं गणना का कार्य प्रारंभ कर दिया है। इस दौरान टीम द्वारा प्रत्येक मकान की स्थिति, उपयोग, संरचना सहित निर्धारित प्रारूप के अनुसार आवश्यक विवरण संकलित किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सर्वेक्षण के दौरान कोई भी मकान छूटने न पाए तथा पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, व्यवस्थित एवं समयबद्ध तरीके से संपन्न हो।जिला प्रशासन ने सभी प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों से विशेष अपील करते हुए कहा है कि वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी और तेज धूप को ध्यान में रखते हुए वे अपने स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखें। प्रशासन ने निर्देशित किया है कि सभी कर्मचारी अपने साथ पेयजल, ओआरएस का पैकेट, गमछा अथवा सिर ढंकने के आवश्यक साधन अनिवार्य रूप से रखें, जिससे लू एवं गर्मी से बचाव किया जा सके और कार्य प्रभावित न हो।इसके अतिरिक्त जिला प्रशासन ने जनपदवासियों से भी सहयोग की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि जब प्रगणक अथवा सुपरवाइजर उनके घर पहुंचें तो नागरिक उन्हें आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं और सर्वेक्षण कार्य में पूरा सहयोग दें। प्रशासन ने कहा कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के विकास से जुड़ा एक महत्वपूर्ण दायित्व है, जिसमें आमजन की सहभागिता आवश्यक है।

