60 देशों की बैठक! होर्मुज में सिर्फ हमारे नाविक मारे गए-भारत
April 03, 2026
मिडिल ईस्ट में जारी जंग और भीषण हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान के बाद जंग अब नेक्स्ट लेवल पर पहुंच गई है। अमेरिका और इज़रायल अब मिलकर ईरान को टारगेट कर रहे हैं। इस बीच ब्रिटेन की पहल पर होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए एक बड़ी ऑनलाइन बैठक हुई, जिसमें 60 से ज्यादा देशों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में भारत की तरफ से विदेश सचिव विक्रम मिसरी शामिल हुए। बैठक में विक्रम मिसरी ने कहा कि होर्मुज संकट में अब तक सिर्फ भारत के ही नागरिक मारे गए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक होर्मुज संकट में अब तक 3 भारतीय नाविक मारे जा चुके हैं, ये सभी विदेशी जहाजों पर काम कर रहे थे। भारत ने कहा कि इस पूरे संकट का हल सिर्फ बातचीत और शांति से ही निकल सकता है। भारत ने सभी देशों से अपील की कि तनाव कम करें और आपसी बातचीत के जरिए रास्ता निकालें।
विदेश सचिव ने बैठक में यह भी बताया कि इस संकट का भारत पर सीधा प्रभाव पड़ा है। उन्होंने कहा कि भारत ऐसा देश है जिसने खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हमलों के दौरान अपने नाविकों की जान गंवाई है। उन्होंने जोर देकर कहा, 'इस संकट से बाहर निकलने का रास्ता तनाव कम करना और सभी संबंधित पक्षों के बीच संवाद और कूटनीति को फिर से शुरू करना है।' विक्रम मिसरी ने यह भी चेतावनी दी कि होर्मुज ब्लॉकेड वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
ईरान द्वारा फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित संकरे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लगभग अवरुद्ध कर दिए जाने के बाद वैश्विक तेल और गैस की कीमतों में उछाल आया है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे अहम ऊर्जा रास्ता है। यहां से वैश्विक तेल और LNG का लगभग 20% हिस्सा होकर गुजरता है। पश्चिम एशिया भारत की ऊर्जा खरीद का एक प्रमुख स्रोत रहा है।
