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Date: 10-Mar-2011
विधान केसरी समाचार पत्र उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र है। जिसे विदुर नगरी के नाम से भी जाना जाता है। जनपद बिजनौर देव भूमि उत्तरांचल की सीमा पर स्थित जनपद है। जहां के लोगों में आज भी भारतीय संस्कृति देखी जा सकती है। विधान केसरी समाचार पत्र की स्थापना विनेश ठाकुर ने वर्ष 2007 में अपने भाई मंजेश ठाकुर, सन्नी ठाकुर व बेटे राहुल एवं अरूण के सहयोग से की तथा चार साल के अल्प समय में पाठकों मित्रों व आलोचकों के सहयोग से विधान केसरी प्रिंट व वेबसाईट के माध्यम से लाखों लोगों तक पहुंच चुका है तथा निष्पक्षता एवं निडरता की पहचान बनाई। जिसके चलते शासन व प्रशासन ने भी विधान केसरी की प्रशंसा की तो पाठक भी तारिफ करने से नहीं चूके। इतना ही नहीं विधान केसरी ने बिगड़े लोगों को सुधरने हेतू बिना नाम प्रकाशित किये घन्टा घर से कौवा बोले शीर्षक से पोल खोल कार्यक्रम चलाया ताकि वह सुधार भी कर लें और चर्चा भी न हो। कुल मिलाकर आज तेजी से आई समाचार पत्रों की बाढ़ में विधान केसरी आप सब पाठकों के सहयोग से लगातार प्रगति की ओर अग्रसर है जिसमें मेरे संयुक्त परिवार का महत्वपूर्ण योगदान है और हम अपने 40 संवाददाताओं के सहयोग से विधान केसरी समाचार पर को अब तक बिजनौर के 35 स्टेशनों व मुरादाबाद, जे0पी0नगर, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर और लखनऊ सहित एक दर्जन से ज्यादा जनपदों में प्रसारित करा रहे हैं।
विनेश ठाकुर सम्पादक प्रबंधक विधन केसरी 8954600000
भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर से प्रकाशित हिन्दी दैनिक विधान केसरी समाचार पत्र सच्चाई पर आधारित समाचार पत्र है। हमने इस समाचार पत्र के माध्यम से समाज के कमजोर लोगों की आवाज को शासनप्रशासन तक पहुंचाने का ही नहीं उस पर कार्यवाही कराने का भी वायदा किया है। हालांकि समाचार पत्र प्रकाशन के बाद से ही हमारे सामने ईश्र्यावश कई बाधएंे धराशायी होती गयी। विधान केसरी समाचार पत्र ने अपनी आयु के अभी तीनसाल पूरे किये हैं लेकिन इस अल्प समय में विधान केसरी ने कभी सच्चाई से समझौता नहीं किया और एक सच्चे कलमकार की तरह इसे भी कई बार परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन अखबार की धार में कोई कमी नहीं आईसमाचार पत्र के प्रकाशन के बाद मीडिया के साथियों की वह बात सही साबित हुई जिसमें बताया गया था कि दैनिक समाचार पत्र निकालना वास्तव में बड़ा कठिन कार्य है और जब अखबार रद्दी से कम रेट पर बिकने लगे तो समझदार लोगसमझ सकते हैं कि समाचार पत्र निकालना व चलाना दोनों कठिन कार्य है लेकिन मजबूत इरादों के सामने बड़ा काम भी छोटा हो जाता है बस इसी को आधर बनाकर विधान केसरी ने अपने तीन साल पूरे कर लिए और आज जब कहींविभिन्न समाचार पत्रों का नाम आता है तो कोई विधान केसरी का नाम लेना नहीं भूलता। हम आपकों बताना चाहते हैं कि विधान केसरी हमेशा दबंग लोगों के विरूद्ध रहा है इसने कभी दबंगों की हरकतों को दबाने का प्रयास नहीं कियाबल्कि जोर शोर से उठाकर मीडिया के अस्तित्व में इजाफा किया है। मैं अपने इस समाचार पत्र के प्रकाशन में अपने संयुक्त परिवार व अपने विरोधियों को बधाई देता हूं कि संयुक्त परिवार के नाते विधान केसरी ने तीन साल के अल्प समय मेंएक सफलता का मुकाम हांसिल किया है और विरोधियों का शुक्रिया मैं इस वजह से करता हूं कि यदि विरोध न हुआ होता तो शायद विधान केसरी को तीन साल के अल्प समय में इतने लोग न जान पाते। विधान केसरी समाचार पत्र आपसबका समाचार पत्र है जो हमेशा सच्चाई के लिए लड़ता रहेगा। बस आपका प्यार व आर्शीवाद हमें इसी तरह मिलता रहे।
विनेश ठाकुर सम्पादक प्रबंधक विधन केसरी 8954600000
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